"BLOCKCHAIN MINING की पूरी जानकारी हिंदी में"

ब्लॉकचेन माइनिंग एक प्रक्रिया है जिसमें क्रिप्टोकरेंसी नेटवर्क्स के Blocks को सत्यापित किया जाता है और नए Blocks को तैयार किया जाता है।

यह प्रक्रिया सुरक्षित और डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर तैयार करने में मदद करती है, जो किसी भी बदलाव को अस्वीकार करने की क्षमता देता है।

माइनिंग में, कंप्यूटरों को एक विशेष क्रिप्टोग्राफिक कार्य को हल करने के लिए प्रेरित किया जाता है, जिससे नए ब्लॉक्स तैयार होते हैं।

एक ब्लॉक को सत्यापित करने के लिए, माइनर्स को विशेष क्रिप्टोग्राफिक प्रमाण का हल करना होता है, जिसे "प्रूफ ऑफ़ वर्क" कहा जाता है।

माइनिंग की प्रक्रिया में सबसे पहले सफलता प्राप्त करने वाला माइनर नए ब्लॉक को तैयार करने के लिए नए बिटकॉइन और ट्रांजैक्शन जोड़ता है।

ब्लॉकचेन माइनिंग के द्वारा सुरक्षित लेजर बनाए जाते हैं, जो किसी भी प्रकार के दुरुपयोग या बदलाव को रोकने में मदद करते हैं।

एक बार नया ब्लॉक तैयार हो जाने पर, उसे नेटवर्क पर ब्रॉडकास्ट किया जाता है ताकि सभी नोड्स इसे देख सकें और सत्यापित कर सकें।

माइनिंग से प्राप्त बिटकॉइन एक प्रकार का इनसेंटिव होता है जिससे लोग माइनिंग में जुटते हैं और नेटवर्क की स्थिरता बनी रहती है।